तमाम तरह के अधिकारों के बीच एक अधिकार जी भर कर रो लेने का भी होना चाहिए और यह मैं दुनिया के उन सभी पुरुषों की तरफ से कह रहा हूँ जो बदल गए रेगिस्तान में।
अंधेरे से अकेलेपन से असफलता से पर मुझे उम्मीद नहीं थी हम डरेंगे एक दिन बात करने से भी।.